बाबा परशुराम की धरती मोकामा में कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा (शुक्रवार) को हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालु नर -नारियों ने तपस्वी गंगा घाट में स्नान करने के बाद दीप दान,
भगवान की पूजा, आरती, हवन और जरूरतमंदों के बीच दान किया। पवित्र गंगा में स्नान करने के लिए हर कदम गंगा घाट की ओर ही बढ़ रहे थे। सुबह चार बजे से ही मोकामा तपस्वी जी गंगा घाटों पर श्रद्धालु भक्तों की भीड़ जुट गई थी। गंगा घाटों पर हर-हर गंगे, हर-हर महादेव, वीर हनुमान की जय एवं जय श्रीराम के नाले से गंगा घाट गूंजता रहा मोकामा कार्तिक पूर्णिमा को लेकर गंगा घाटों पर काफी भीड़ दिखी मोकामा थाना प्रभारी राज नंदन शर्मा ,मोकामा नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी मुकेश कुमार और मोकामा विकास प्रखंड पदाधिकारी के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया गया था चौक चौराहे पर पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी ताकि सड़क पर किसी तरह की भीड़ ना लगे
कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा में स्नान करने से पूरे साल गंगा स्नान करने का फल प्राप्त होता है। इसलिए लोग गंगा में स्नान जरूर करते है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही भगवान विष्णु का मत्स्यावतार हुआ था। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है। भगवान शिव ने आज के ही दिन त्रिपुरासुर का वध किया था। इस वजह से कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुर पूर्णिमा भी कहा जाता है। इसे मोक्ष प्राप्ति कराने वाला पूर्णिमा भी कहा जाता है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान के बाद छठ पूजा के ठेकुआ एवं गन्ना खाने का भी महात्म्य है।
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